हमारे बारे में
SHRIAADIDEV का लक्ष्य (Vision Statement)
SHRIAADIDEV का उद्देश्य सिर्फ मंदिर निर्माण नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण और राष्ट्र निर्माण है। हमारा संकल्प है कि पूरे भारत में 108 भव्य और दिव्य मंदिरों का निर्माण किया जाए—
जहाँ केवल पूजा न हो, बल्कि:
- 📚 धर्म, संस्कार और शिक्षा का प्रसार हो
- 🌾 गाँवों को आत्मनिर्भर और संस्कारित बनाया जाए
- 🤝 युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ा जाए
- 🏛️ हर मंदिर एक सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र बने
पहला मंदिर – हमारे संकल्प की शुरुआत
हमारे इस दिव्य अभियान का पहला मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है:
📍 स्थान: झारखंड, जिला पलामू, तुरी गाँव
यही वह भूमि है जहाँ से सनातन जागरण की यह ज्योति पूरे भारत में फैलेगी।
हमारा बड़ा लक्ष्य
- 🗺️ भारत के पिछड़े और उपेक्षित गाँवों को अपनाना
- 🎯 हर मंदिर को “धर्म + सेवा + विकास” का केंद्र बनाना
- 🐄 गौ सेवा, शिक्षा, भोजन और संस्कार का संगम तैयार करना
- 🚩 सनातन संस्कृति को आधुनिक रूप में पुनः स्थापित करना
"हम मंदिर नहीं बना रहे… हम आने वाली पीढ़ियों का चरित्र गढ़ रहे हैं।"
SHRIAADIDEV के संरक्षक: मोहित पूनम रंजन
"कुछ लोग सिर्फ अपने लिए जीते हैं… कुछ लोग समाज के लिए काम करते हैं…
और कुछ विरले ऐसे होते हैं, जो इतिहास बनाने के लिए जन्म लेते हैं।"
मोहित पूनम रंजन उन्हीं में से एक नाम है। वे केवल एक व्यक्ति नहीं… एक विचार, एक आंदोलन और एक युग परिवर्तन की शुरुआत बन चुके हैं।
अतीत (Past) संघर्ष, संवेदना और वैश्विक अनुभव
एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर, उन्होंने जीवन को भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखा।
- निस्वार्थ संकल्प: कॉलेज में ही अपने शरीर के सभी अंग दान करने का संकल्प लिया।
- वैश्विक दृष्टि: पत्रकारिता में लंदन और ऑस्ट्रेलिया जैसे मंचों पर रहकर दुनिया को परखा।
- स्वदेश वापसी: भारत की आत्मा सनातन परंपराओं में है, यह एहसास उन्हें वापस खींच लाया।
वर्तमान (Present) मिशन “SHRIAADIDEV”
भारत लौटकर उन्होंने केवल करियर नहीं चुना, बल्कि एक संकल्प चुना:
- पूरे भारत में 108 वैष्णो देवी मंदिरों का निर्माण।
- सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण।
- पिछड़े गाँवों को अपनाकर उनका समग्र विकास।
- धर्म को शिक्षा, सेवा और संस्कार से जोड़ना।
भविष्य (Future) दिव्य दृष्टि और राष्ट्र निर्माण
उनका सपना केवल 108 मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सशक्त समाज बनाना है:
- हर गाँव को आत्मनिर्भर और संस्कारित बनाना।
- भारत को फिर से सनातन मूल्यों का वैश्विक केंद्र बनाना।
- युवाओं को उनकी जड़ों और पहचान से जोड़ना।
एक व्यक्तित्व नहीं… एक प्रेरणा
मोहित पूनम रंजन का जीवन यह बताता है कि— “जब इरादे बड़े हों, तो एक इंसान भी आंदोलन बन सकता है।”
“कुछ नाम इतिहास में लिखे जाते हैं… और कुछ नाम इतिहास बदलने के लिए आते हैं।
मोहित पूनम रंजन—एक ऐसा ही नाम है।”
आप कैसे सहयोग कर सकते हैं?
यह सिर्फ हमारा नहीं… आप सभी का मिशन है।
💰 1. आर्थिक सहयोग (Donation)
- आप अपनी श्रद्धा अनुसार दान दे सकते हैं
- ₹501 से लेकर जितना संभव हो—हर योगदान महत्वपूर्ण है
- एक-एक ईंट में आपका नाम और आशीर्वाद जुड़ता है
🧱 2. निर्माण सहयोग
- सीमेंट, ईंट, सरिया या अन्य सामग्री देकर
- भूमि दान या स्थानीय सहायता देकर
📢 3. प्रचार और जागरूकता
- इस मिशन को अपने दोस्तों, परिवार और सोशल मीडिया पर साझा करें
- जितने लोग जुड़ेंगे, उतना तेज़ धर्म का विस्तार होगा
🙏 4. सेवा (Seva)
- स्वयंसेवक बनकर काम करें
- मंदिर निर्माण, आयोजन और गाँव विकास में भाग लें
अंतिम आह्वान
“जब इतिहास लिखा जाएगा… तो सिर्फ यह नहीं देखा जाएगा कि मंदिर किसने बनाया,
बल्कि यह भी लिखा जाएगा— कि जब धर्म को आपकी ज़रूरत थी, तब आप कहाँ खड़े थे।”
आइए… हाथ बढ़ाइए,
SHRIAADIDEV के साथ जुड़कर सनातन और राष्ट्र निर्माण का हिस्सा बनिए।